लखनऊ: यूपी की योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2019-20 का बजट विधानसभा में पेश किया। आम चुनाव से पहले आए यूपी के इस बजट में पूर्वांचल से लेकर बुंदेलखंड तक के लिए कई योजनाओं का ऐलान किया गया है। 4.79 लाख करोड़ के भारी-भरकम बजट में 21,212 करोड़ की नई योजनाओं का ऐलान हुआ है। बजट में पूर्वांचल के दो बड़े शहरों गोरखपुर और वाराणसी में मेट्रो के लिए घोषणाएं की गईं, वहीं बुंदेलखंड का सबसे बड़ा केंद्र माने जाने वाले झांसी शहर में भी मेट्रो के लिए बजट आवंटित हुआ है। इसके साथ ही लखनऊ के लिए भी योगी सरकार के बजट में कई सौगातें दी हैं।

पूर्वांचल
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के लिए 1194 करोड़, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के लिए 1,000 करोड़ रुपये।
पावरलूम बुनकरों को रियायती दर पर बिजली मुहैया कराने के लिए 150 करोड़ का बजट।
यूपी हैंडलूम, पावरलूम, सिल्क, टेक्स्टाइल्स ऐंड गारमेंट पॉलिसी के तहत 50 करोड़।
विशेष क्षेत्र कार्यक्रम के तहत पूर्वांचल की विशेष योजनाओं के लिए 300 करोड़।
वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर में मेट्रो प्रॉजेक्ट के शुरुआती कार्य के लिए 150-150 करोड़ का इंतजाम।
वाराणसी में लहर तारा तालाब कबीर स्थल एवं गुरु रविदास की जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर का सुदृढ़ीकरण किया जाना प्रस्तावित।
वनटांगिया ग्रामों में प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों की स्थापना हेतु 5 करोड़ की व्यवस्था।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में गुरु श्री गोरक्षनाथ शोध पीठ के लिए 63 लाख की व्यवस्था।
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी के लिए 21 करोड़ 51 लाख का इंतजाम।
मिर्जापुर में इंजिनियरिंग कॉलेज की स्थापना के लिए 8 करोड़।
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के तहत गंगा तट से विश्वनाथ मंदिर तक सौन्दर्यीकरण के लिए 207 करोड़।
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में वैदिक विज्ञान केन्द्र की स्थापना हेतु 16 करोड़ रुपये।
प्रयागराज में ऋषि भारद्वाज आश्रम का विकास किया जाना प्रस्तावित।
चंदौली की कनहर सिंचाई परियोजना के लिए 500 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।
मिर्जापुर की बाणसागर परियोजना के लिए 122 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।

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बुंदेलखंड
बुंदेलखंड, विंध्य क्षेत्र और पानी के संकट से जूझ रहे गांवों में पाइप पेयजल योजना के लिए 3,000 करोड़ रुपये प्रस्तावित।
बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के लिए 1,000 करोड़ रुपये, डिफेंस कॉरिडोर विकसित करने के लिए जमीन अधिग्रहण में 500 करोड़ रुपये का बजट।
विशेष क्षेत्र कार्यक्रम के तहत विशेष योजनाओं के लिए 200 करोड़ के बजट की व्यवस्था।
झांसी में मेट्रो रेल परियोजना के शुरुआती कार्य के लिए 150 करोड़ रुपये का इंतजाम।
बुंदेलखंड की विशेष योजनाओं के लिए 2019-20 में 810 करोड़ रुपये प्रस्तावित।

लखनऊ
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) लखनऊ के लिए 907 करोड़ रुपये का बजट।
संजय गांधी पीजीआई में अलग-अलग कार्यों के लिए 854 करोड़ रुपये।
डॉ राम मनोहर लोहिया संस्थान के लिए 396 करोड़ रुपये का प्रस्ताव।
कैंसर संस्थान लखनऊ के विस्तार और विकास के लिए 248 करोड़ रुपये प्रस्तावित।
माननीय अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय लखनऊ की स्थापना के लिए 50 करोड़।
लखनऊ विश्वविद्यालय लखनऊ में अटल सुशासन पीठ स्थापना हेतु 2 करोड़ रुपये।
आगरा-लखनऊ प्रवेश नियंत्रित 6 लेन एक्सप्रेस-वे (ग्रीनफील्ड) प्रॉजेक्ट के लिए 100 करोड़।
भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, लखनऊ की स्थापना के लिए 10 करोड़ की व्यवस्था।

एनसीआर/नोएडा
ग्रेटर नोएडा के जेवर में बन रहे एयरपोर्ट के लिए 800 करोड़ का बजट।
दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम प्रॉजेक्ट के लिए 400 करोड़।

कानपुर
मेट्रो रेल प्रॉजेक्ट के शुरुआती काम के लिए 175 करोड़ रुपये का बजट आवंटित।
माननीय अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में डीएवी कॉलेज, कानपुर में सेन्टर ऑफ एक्सिलेन्स की स्थापना हेतु 5 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
हरकोर्ट बटलर प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय (HBTU), कानपुर के लिए 11 करोड़।

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