अगरतला : अपने बयानों से चर्चा में रहने वाले त्रिपुरा के नए बने सीएम ने कहा कि उनकी सरकार पर अगर किसी ने उंगली उठाई तो उसके नाखून उखाड़ लेंगे। गनीमत ये रही की उन्होंने हाथ काटने की बात नहीं कही। इससे पहले वह सिविल सर्विस की तैयारी कर रहे छात्रों पर और सरकारी नौकरियां तलाश रहे लोगों पर बयान दे चुके हैं।

बिप्लब देब का ये वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इसमें वह एक मंच से अपनी सरकार के प्रति अपेक्षाएं जाहिर कर रहे हैं। हालांकि इस वीडियो से यह तो पता नहीं चल रहा है कि वे किन लोगों को संबोधित कर रहे हैं, लेकिन वह कह रहे हैं कि उनकी सरकार पर कोई अंगुली नहीं उठनी चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘सुबह 8 बजे सब्जी वाला लौकी लेकर आता है। 9 बजे तक ये खराब हो जाती हैं कि लोग लौकी को जांचने के लिए नाखून लगाकर देखते हैं। ऐसा मेरी सरकार के साथ नहीं होना चाहिए। मेरी सरकार में कोई नाखून नहीं मारेगा। अगर कोई ऐसा करेगा उसके नाखून काट देने चाहिए।

‘पान की दुकान से कमाई’

उन्होंने कहा था, ‘नौजवान सरकारी नौकरी पाने के लिए सालों तक पार्टियों के पीछे भागते रहते हैं और अपने जीवन का कीमती वक्त खराब करते हैं। अगर यही युवा पार्टियों के पीछे भागने के बजाय अपनी पान की दुकान शुरू करता तो उसके खाते में 5 लाख रुपये होते।’

दरअसल, बिप्लब कुमार देब राजधानी अगरतला में आयोजित ‘पशु चिकित्सा पेशे का जीवन सुधार में भूमिका’ विषय पर आधारित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। इसी दौरान उन्होंने बेरोजगार युवाओं से नौकरी के बजाय कारोबार शुरू करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने युवाओं को प्रधानमंत्री मुद्रा स्कीम के तहत लोन लेने और कारोबार कर पैसा कमाने की सलाह दी।

उन्होंने कहा, ‘यह धारणा है कि ग्रेजुएट खेती-किसानी नहीं कर सकते, मुर्गी पालन नहीं कर सकते या सुअर पालन नहीं करते, क्योंकि इससे उनका रुतबा गिर जाएगा।’

बिप्लब देब ने बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार नए काम शुरू करने के लिए लोन उपलब्ध करा रही है, जिससे आसानी से काम शुरू किए जा सकते हैं। लेकिन पढ़े-लिखे लोगों का परंपरागत काम न करने वाली मानसिकता के चलते संकट पैदा होता है।

बता दें कि उन्होंने नौजवानों को ये सलाह भी दी है कि मैकेनिकल इंजीनियरिंग करने के बाद किसी को सिविल सर्विसेज में नहीं जाना चाहिए। उनके मुताबिक, मैकेनिकल के बजाय सिविल इंजिनियर्स को सिविल सर्विसेज ज्वाइन करनी चाहिए, क्योंकि उनके पास प्रबंधन निर्माण और समाज से जुड़ी ज्यादा जानकारी और अनुभव होता है।

महाभारत काल में इंटरनेट

इससे पहले एक बयान में उन्होंने कहा था कि महाभारत काल में भी इंटरनेट और सैटेलाइट माजूद थे। उन्होंने कहा कि भारत कई युगों से इंटरनेट का उपयेाग कर रहा है। हमारे देश में ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है। ये वो देश है, जिसमें महाभारत के दौरान संजय ने बैठकर धृतराष्ट्र को बताया था कि युद्ध में क्या हो रहा है। संजय दूर बैठे सब देख सकते थे। इसका मतलब है कि उस समय भी तकनीक, इंटरनेट और सैटेलाइट था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here