नई दिल्ली : जर्मनी की कार कंपनी Volkswagen की पेट्रोल और डीजल से चलने वाली कारें धीरे-धीरे बंद हो जाएंगी। ‘डीजलगेट’ उत्सर्जन घोटाले में फंसी फोक्सवैगन ने कहा है कि वह अपनी डीजल और पेट्रोल इंजन वाली कारों की अंतिम पीढ़ी 2026 में पेश करेगी।

पिछले महीने ही कार निर्माता कंपनी ने इलेक्ट्रिक वाहनों पर बड़ा दांव खेलते हुए 2023 तक 44 अरब यूरो (50 अरब डॉलर) के निवेश की घोषणा की है।

निवेश की घोषणा के दौरान कंपनी ने कहा था कि 2015 में हुए पेरिस जलवायु समझौते के उत्सर्जन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए वह अपनी डीजल और पेट्रोल इंजन वाली कारों को धीरे-धीरे बंद कर देगी।

फोक्सवैगन के रणनीति प्रमुख माइकल जोस्ट ने मंगलवार को वाहन उद्योग से जुड़े एक सम्मेलन में कहा कि कंपनी के कर्मचारी इन वाहनों पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘हम ईंधन जलाकर चलने वाली इंजन कारों से धीरे-धीरे हट रहे हैं।’

फोक्सवैगन ने 2025 तक इलेक्ट्रिक वाहनों की मॉडल संख्या बढ़ाकर 50 करने का लक्ष्य रखा है। वर्तमान में यह संख्या मात्र छह है। जोस्ट ने कहा कि 2026 में इन कारों की अंतिम पीढ़ी पेश करेंगे और हमारा अनुमान है कि इस तरह के वाहनों की बिक्री करीब 2040 तक होगी।

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