भोपाल। राजधानी में जीका वायरस के तीन संदिग्ध कोलार, गौतम नगर और अवधुपरी में मिले हैं। एम्स भोपाल में इलाज के बाद इनकी छुट्टी कर दी गई है। एम्स भोपाल में हुई जांच में पुष्टि के बाद फाइनल जांच के लिए इनके नमूने एनआईवी पुणे भेजे गए हैं। अब इन कॉलोनियों के तीन किमी के दायरे में लार्वा सर्वे और मच्छर मारने का काम किया जाना है।

कर्मचारियों की कमी के चलते सर्वे में काफी समय लगेगा। तब तक दूसरी कॉलोनियों में बीमारी फैलने का खतरा बढ़ जाएगा। तीनों कॉलोनियों व आसपास सर्वे के लिए कम से कम 400 टीमें चाहिए, पर सोमवार को सिर्फ 125 टीमों ने ही काम किया। इनमें कुछ टीमें डेंगू प्रभावित इलाकों में भी लगाई गईं।

शहर में जीका का पहला मरीज पिछले सोमवार को चार इमली में मिला था। इसके बाद यहां से तीन किमी के दायरे में लार्वा सर्वे शुरू किया गया था। अभी इस क्षेत्र में सर्वे का काम पूरा नहीं हुआ था कि तीन और मरीज सामने आ गए।

प्रभावित राज्य में दौरा किए बिना ही जीका की चपेट में आए

शहर में अभी तक मिले जीका के एक कंफर्म और तीन संदिग्ध मरीजों में सिर्फ एक ने राजस्थान की यात्रा की थी। बाकी तीन कहीं नहीं गए फिर भी बीमारी की चपेट में आ गए। तीन नए संदिग्धों में गौतम नगर की रहने वाली एक महिला कुछ दिन पहले राजस्थान से लौटी थी। अब वह फिर बैंगलुरू चली गई है।

डेंगू के 19 व चिकनगुनिया के 3 मरीज मिले

डेंगू मरीजों की संख्या भी शहर में बढ़ती जा रही है। सोमवार को अलग-अलग लैब में 43 संदिग्ध मरीजों में डेंगू की जांच की गई। इनमें 19 संक्रमित पाए गए। इसी तरह से चिकनगुनिया के 3 मरीज मिले हैं। स्वाइन फ्लू का एक भी मरीज नहीं मिला है।

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