नई दिल्ली : आपने पुल तो बहुत देखे होंगे. पर आज हम आपको एक ऐसे पुल के बारे में बताने वाले है जो हर साल बनता है और टूटता है. ये अनोखा पुल कंबोडिया की मेकोंग नदी पर बना है. जिसे गर्मी के मौसम में बनाया जाता है और बारिश शुरू होते ही तोड़ दिया जाता है. खास बात ये है कि ये पुल बॉस से बनाया जाता है.

ये पुल अपनी संरचना के लिए दुनियाभर में मशहूर है. ये पुल कामपोंग चाम और कोह पेन को एक-दूसरे से जोड़ता है. करीब 3300 फ़ीट लंबे इस पुल को बनाने में हर साल तक़रीबन 50 हज़ार बांस लगते हैं.

बरसात में क्यों तोड़ दिया जाता है पुल ?

इस पुल को हर साल इसलिए तोड़ा जाता है क्योंकि बरसात के मौसम (मई से नवंबर) में इस नदी का जल स्तर काफ़ी बढ़ जाता है. बांस पानी में बह न जाएं इसलिए इनको खोलकर रख लिया जाता है. ताकि गर्मियों में इसका इस्तेमाल कर फिर से पुल का निर्माण किया जा सके.

बांस के इस पुल से ट्रक भी आराम से गुजर सकता है

गर्मियों में बांस का पुल बनाने और बारिश में हटाने की ये परंपरा कई दशक पुरानी है. कंबोडियाई सिविल वॉर के दौरान ही ऐसा नहीं हुआ था. इस पुल को इस तरह से बनाया जाता है ताकि उसमें न सिर्फ़ पैदल यात्री, बल्कि साइकिल, मोटरबाइक, कार और ट्रक भी गुजर सके.

चुकाना पड़ता है इतना टैक्स

इस पुल से गुज़रने वाले लोगों को टैक्स के रूप में 100 रिएल चुकाने पड़ते हैं, वहीं विदेशी पर्यटकों को इसके लिए 40 गुना अधिक कीमत चुकानी पड़ती है.

कंक्रीट का पुल बनने के बाद भी ये परंपरा है कायम 

हालांकि, पिछले साल कम्बोडियाई सरकार ने मेकोंग नदी पर इस बांस के पुल के पास में ही कंक्रीट का पुल भी बनाया है. इसके बावजूद स्थानीय लोगों में डर है कि कहीं बांस के पुल की परंपरा ख़त्म न हो जाए, इसलिए हर साल इस पुल को बनाया जाता है.

लेकिन यहां आने वाले विदेशी पर्यटकों का कहना है कि बांस का ये पुल अब भी पूरी मज़बूती के साथ बनाया जाता है. अब ये पुल पहले की अपेक्षा संकरा हो गया है और ज़्यादातर पैदल यात्री ही इसका इस्तेमाल करते हैं.

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