बेंगलुरु : पुलिस कुछ दिनों से उस केस को सुलझाने में लगी थी जिसमें दावा था कि एक अनजान शखअस महिला के बेडरूम में घुसा, चाकू की नोंक पर उसे धमकाया और 1.5 लाख रुपए के गहने लेकर भाग गया। लेकिन इस केस में एक नया मोड़ आ गया है और यह खुलासा हुआ है कि ये वारदात केवल एक मनगढ़ंत कहानी थी।

चन्नममानकेरे अचुकट्टू पुलिस स्टेशन के मुताबिक इस कहानी को किसी और ने नहीं बल्कि उस महिला ने ही बुना था जो कि पति का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करना चाहती थी जो कि उसे इग्नोर करते थे और ज्यादा समय दोस्तों के साथ बिताते थे।

इसलिए गढ़ी पूरी कहानी

संध्या (नाम परिवर्तित) जयनगर में एक यूनिवर्सिटी में अकाउंटेंट है और उसके पति इवेंट ऑर्गनाइजर हैं। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, संध्या की शादी को केवल 8 महीने हुए और वह इस बात से दुखी थी कि उसके पति घर पर नहीं रहते। पुलिस के मुताबिक उसने पति के साथ घर पर ज्यादा समय बिताने के लिए यह कहानी गढ़ी। पुलिस को प्रारंभिक जांच में ये शंका जरूर थी कि परिवार का ही कोई सदस्य इस लूट में शामिल है लेकिन जब पता चला कि यह घटना ही नहीं हुई, केवल कहानी थी तो उन्हें हैरानी हुई।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, ‘हम इस केस को गंभीरता से ले रहे थे, लेकिन जांच के दौरान, ऑफिसर ने पया कि महिला की ये लूट फर्जी थी। आईपीसी सेक्शन 394 के अंतर्गत शिकायत भी दर्ज की थी और हमने यह केस सॉल्व कर लिया। हम महिला के खिलाफ कोई एक्शन नहीं ले रहे हैं लेकिन हमने चेतावनी दे दी है।’

पूछताछ पर असलियत आ गई सामने

संध्या ने पुलिस को बताया था कि एक नकाबपोश उसके रूम में घुसा और चाकू की नोंक पर गहनों की मांग की और उसे चार कंगन, बालियां, अंगूठी और तीन हजार रुपए ले गया। लेकिन वास्तव यह सब झूठ था और उसने सोने के गहने छुपाए और फिर पति को कॉल कर इस ‘लूट’ के बारे में बताया। पति तुरंत घर पहुंचा और पुलिस को बुलाया।

जांच कर रहे अफसर के मुताबिक, ‘मौके पर पहुंचे पर हमें जबर्दस्ती घुसने का कोई सुराग नहीं मिला। इसलिए हमें लगा कि ये घर के अंदर वाले का ही काम है। पहले ही दिन से केस कुछ गड़बड़ लग रहा था। लेकिन हम परिवार वालों से तुरंत पूछताछ नहीं करना चाहते थे क्योंकि हमें पता था कि वे सदमे में है। जब संध्या से पूछताछ हुई तो धीरे-धीरे असलियत सामने आई। ‘

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