नई दिल्ली : सरकार ने मंगलवार को सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम आयु सीमा में संभावित कमी करने की मीडिया रिपोर्टों का खंडन किया। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, ‘सभी रिपोर्टों और संदेहों को विराम देना चाहिए क्योंकि सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की आयुसीमा में बदलाव करने के लिए सरकार कोई पहल नहीं करने वाली है।’

सरकार के एक प्रवक्ता ने इससे पहले कहा था, ‘सिविल सेवा परीक्षा के लिए अधिकतम आयु में संभावित कमी की मीडिया रिपोर्ट ने ध्यान खींचा है। यह स्पष्ट किया जाता है कि ऐसा कोई भी प्रस्ताव विचार में नहीं है।’

यह स्पष्टीकरण नीति आयोग की एक रिपोर्ट ‘स्ट्रेटजी फॉर न्यू इंडिया ऐट द रेट ऑफ 75’ पर दिया गया, जिसमें आयोग ने 2022-23 तक चरणबद्ध तरीके से सामान्य वर्ग के लिए सिविल सेवा में उच्च आयु सीमा को घटाकर 27 वर्ष किए जाने का प्रस्ताव रखा गया था।

2022-23 के लिए राष्ट्रीय रणनीति पर समग्र रिपोर्ट में, आयोग ने सिविल सेवा के लिए भर्तियों, प्रशिक्षण, प्रदर्शन मूल्यांकन में सुधार लाने के लिए कुछ उपाय सुझाए थे। सिविल सेवा परीक्षा के लिए मौजूदा समय में सामान्य वर्ग के लिए उच्च आयु सीमा 32 वर्ष है, जबकि ओबीसी के लिए 35 वर्ष है और एससी/एसटी अभ्यर्थियों के लिए 37 वर्ष है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here