लखनऊ : देश में माहौल चुनावी है ऐसे में एक फिल्म रिलीज होने जा रही है रामजन्मभूमि। राममंदिर एक प्रमुख चुनावी मुद्दा है इसलिए ये फिल्म खासी हलचल पैदा कर सकती है। खास बात ये है कि ये फिल्म शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने बनायी है और मुस्लिम समुदाय इसका विरोध कर रहा है। हिन्दू-मुस्लिम दंगों पर बनी तमाम फिल्मो से अलग अयोध्या राम मंदिर के विषय को केंद्र में रखकर बनने वाली यह पहली फीचर फिल्म है। रिजवी पहले भी अपने बयानों में राममंदिर के निर्माण का पक्ष लेते रहे हैं।

फिल्म में खास क्या

सिने क्रस्ट प्रोडक्शन के बैनर तले निर्मित और सनोज मिश्रा के निर्देशन में फिल्म राम जन्मभूमि में रिजवी अयोध्या में 1992 से अब तक की प्रमुख घटनाओं को एक कहानी के माध्यम से प्रस्तुत कर रहे हैं। एक और खास बात यह है कि वसीम रिजवी ने खुद फिल्म की कहानी लिखी है। साथ ही फिल्म के अधिकतम हिस्सों का फिल्मांकन भी अयोध्या में किया गया है। रिजवी का मानना है कि मुस्लिमों के नाम पर राजनीतिक रोटियां सेंकने वाले नेताओं और धर्म के ठेकेदारों पर यह फिल्म एक करारा प्रहार करेंगी।

मुस्लिम समाज को हलाला जैसी दर्दनाक कुप्रथा के अन्धेरेपन को दर्शकों के सामने प्रस्तुत करेगी।  यह फिल्म सवाल करती है राममंदिर कब तक एक मुद्दा बना रहेगा। आधुनिक समाज में रूढ़िवादी हलाला प्रथा से मिली मानसिक प्रताड़ना कब तक हलाला की आड़ में अपनी बहु से शारीरिक संबंधों का अंत कितना भयानक होगा।

तुष्टिकरण करने वालों को चुभेगी ये फिल्म

रिजवी कहते हैं, सवाल ज्वलंत है तो जवाब भी ज्वलंत होंगें, हम फिल्म में वह सब कुछ दिखा रहे हैं जो एक सभ्य मुस्लिम समाज में नहीं होना चाहिए। मुझे पता है कि धर्म के पाखंडी ठेकेदार और मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति करने वाले नेताओं के लिए यह फिल्म बहुत चुभनेवाली है लेकिन हम इस फिल्म के साथ देश में राम जन्मभूमि पर मंदिर के निर्माण के साथ ही हलाला जैसी शर्मनाक बुराई को समाज से जल्द से जल्द मिटाना चाहते है।

उठ रही रोक लगाने की मांग

ऑल इंडिया उलेमा बोर्ड की मध्यप्रदेश इकाई ने फिल्म ‘राम जन्मभूमि’ पर मंगलवार को दो फतवे जारी करने के साथ-साथ केन्द्र एवं मध्य प्रदेश सरकार से मंगलवार को मांग की कि वे इस फिल्म पर रोक लगाएं। एक फतवा इस फिल्म की मुस्लिम अभिनेत्री नाज़नीन पाटनी के खिलाफ जारी कर उसे सलाह दी है कि वह अपने ईमान को तजदीद करे, जबकि दूसरे फतवे में देश के मुस्लिम समुदाय से अपील की गई है कि वह इस फिल्म को देखने से गुरेज़ करें। ये दोनों फतवे मंगलवार को आल इंडिया उलेमा बोर्ड के मध्यप्रदेश अध्यक्ष एवं क़ाज़ी सय्यद अनस अली नदवी ने जारी किये।

कौन-कौन हैं किरदार

फिल्म में मनोज जोशी, गोविन्द नामदेव, नाजमीन पटनी, राजवीर सिंह, तृषा सचदेवा और आदित्य महत्वपूर्ण किरदारों में नजर आएंगे। गांधीगीरी फिल्म से सुर्खियों में रहे निर्देशक सनोज मिश्रा के निर्देशन में इस फिल्म को अयोध्या के कई महत्वपूर्ण हिस्सों में फिल्माया गया है। फिल्म के सिनेमाटोग्राफर संदीप त्यागी और कारकारी निर्देशक विवेक अग्रवाल है। फिल्म दिसंबर 2018 में प्रदर्शित होगी।

कब हो रही रिलीज

उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सैय्यद वसीम रिजवी द्वारा निर्मित यह फिल्म 29 मार्च को समूचे देश में रिलीज होने वाली है। आल इंडिया उलेमा बोर्ड, मध्य प्रदेश के उपाध्यक्ष नूर उल्लाह यूसुफ ज़ई ने  संवाददाताओं को बताया, ‘‘फिल्म ‘राम जन्मभूमि’ न सिर्फ विवादित है, बल्कि दो समुदायों के बीच नफरत पैदा करने वाली है। इस फिल्म में शरीयत के साथ खिलवाड़ किया गया है। इस्लाम के दो अहम और संजीदा मुद्दों को विवादित करने की कोशिश की गई है।’’

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