पटना : चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर ने आखिरकार पहली चुनावी परीक्षा पास कर ही ली. छात्र जेडीयू ने पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद पर बड़े अंतर से जीत हासिल की है. छात्र जेडीयू के उम्मीदवार मोहित प्रकाश ने एबीवीपी के अभिनव कुमार को 1211 वोटों के बड़े अंतर से हराकर पटना विश्वविद्यालय में छात्र जेडीयू के इतिहास की सबसे शानदार जीत हासिल की है.

छात्र जेडीयू के उम्मीदवार मोहित प्रकाश को कुल 3477 मत प्राप्त हुए जबकि एबीवीपी के कैंडिडेट अभिनव कुमार मात्र 2266 वोट ही हासिल कर सके. मीडिया से बातचीत में नवनिर्वाचित अध्यक्ष मोहित प्रकाश ने कहा कि विकास और काम करना उनके संगठन का मुख्य एजेंडा रहा है.

‘चुनाव प्रशांत किशोर के नेतृत्व में लड़ा चुनाव’

मोहित प्रकाश प्रशांत किशोर को लेकर विपक्षी दलों के विरोध पर ज्यादा खुलकर नहीं बोले और सिर्फ इतना ही कहा कि इस चुनाव में सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं था. मोहित प्रकाश के मुताबिक उन्होंने ये चुनाव प्रशांत किशोर के नेतृत्व में लड़ा था. अपनी इस जीत के लिए मोहित ने संगठन के कार्यकर्ताओं को सारा श्रेय दिया.

एबीवीपी की अंजना सिंह ने लगाया ये आरोप

वहीं उपाध्यक्ष पद पर जीत हासिल करने वाली एबीवीपी की अंजना सिंह के चेहरे पर अपनी जीत के बाद भी अध्यक्ष पद गंवाने का गम साफ नजर आ रहा था. अंजना सिंह ने आरोप लगाया कि छात्रसंघ चुनाव को बाहर से आये बड़े राजनीतिक लोगों ने धन-बल और बाहुबल से प्रभावित किया है. अंजना सिंह ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष मोहित प्रकाश की जीत पर संदेह जाहिर किया और इस फैसले के खिलाफ कोर्ट जाने की बात कही.

वीसी से सेटिंग का लगाया आरोप

चुनावी मतगणना के बाद काउंटिंग सेंटर से बाहर निकले असफल प्रत्याशियों ने भी प्रशांत किशोर पर छात्रसंघ चुनाव को प्रभावित करने का गंभीर आरोप दोहराया.

संयुक्त सचिव पद पर जन अधिकार छात्र परिषद के उम्मीदवार शौकत अली को एबीवीपी के उम्मीदवार ने हराया लेकिन उसके बावजूद उन्होंने दावा किया कि वीसी से मिलकर प्रशांत किशोर ने छात्रसंघ चुनाव में खरीद-फरोख्त की है. यहां तक कि उपाध्यक्ष पद पर शिकस्त झेलने वाले CYSS के हिमांशु कुमार ने भी प्रशांत किशोर पर वीसी से सेटिंग करने का आरोप लगाया.

मीडिया को नहीं दी जानकारी

दूसरी तरफ मीडिया को इस पूरी मतगणना से अंजान रखा गया. चुनाव अधिकारी लगातार ये अनाउंसमेंट कर रहे थे कि अभी बैलट बॉक्स खोले जा रहे हैं और उसके बाद काउंटिंग की जानकारी दी जाएगी. जबकि देर रात डेढ़ बजे अचानक से जानकारी मिलती है कि काउंटिंग तो शाम 7 बजे से पहले ही शुरू हो गई थी और अब मतगणना अंतिम चरण में है.

हालांकि एक बार भी इसकी जानकारी बाहर नहीं दी गई और काउंटिंग सेंटर के बाहर बैठे किसी भी शख्स को पता तक नहीं चला कि काउंटिंग हो रही है. हैरान करने वाली बात ये रही कि बाकी कि राउंड वाइज काउंटिंग डिक्लेअर नहीं की गई और सीधे फाइनल रिजल्ट अनाउंस कर दिया गया.

चुनाव अधिकारी खगेश्वर कुमार ने दी सफाई

इन तमाम मुद्दों को लेकर जब मुख्य चुनाव अधिकारी खगेश्वर कुमार से पूछा गया तो उन्होंने सफाई दी कि हमने मीडिया को सारी जानकारी दी. इस दौरान मीडियाकर्मी विश्वविद्यालय के प्रशासन से खासे नाराज दिखे. खगेश्वर कुमार ने मुताबिक उन्होंने किसी भी मीडियाकर्मी को नहीं रोका और उनके ऊपर किसी का दबाव नहीं था और साथ ही ये भी दावा किया कि हर साल ऐसे ही चुनाव होते रहे हैं.

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