माले। मालदीव में राष्ट्रपति चुनाव नतीजों में विपक्षी उम्मीदवार इब्राहीम मुहम्मद सोलीह ने कार्यवाहक राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन पर जीत दर्ज की है। इसके बाद भारत ने इन नतीजों को लेकर मालदीव को बधाई दी है। नतीजों के बाद विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा है कि भारत, मालदीव में शांतिपूर्ण तरीके से हुए चुनावों का स्वागत करता है और चुनाव में इब्रीहम मुहम्मद सोलीह की जीत पर भारत उन्हें शुभकामनाएं देता है।

विदेश मंत्रालय ने आगे कहा है कि मालदीव के यह नतीजे देश में लोकतंत्र की जीत को दर्शाते हैं। अपनी नेबरहूड पॉलिसी के तहत भारत उम्मीद करता है कि भविष्य में दोनों देशों के बीच संबंध और साझेदारी और गहरे होंगे।

खबरों के अनुसार सोमवार अल सुबह आए नतीजों में सोलिह को 58.3 प्रतिशत वोट मिले थे। नतीजे सामने आते ही सोलिह के समर्थक सड़कों पर जश्न मनाते नजर आए। हिंद महासागर के मध्य स्थित इस द्वीपीय राष्ट्र के चुनाव में माना जा रहा था कि अब्दुल्ला यामीन अपनी सत्ता को बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। इसके चलते पूरी दुनिया की निगाहें नतीजों पर लगी थीं। स्वतंत्र पर्यवेक्षकों ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव बताया है।

इस चुनाव में मतदान को लेकर जनता में इतना उत्साह था कि शनिवार रात से ही मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं की लाइन लग गई थीं। रविवार को शाम सात बजे मतदान बंद होने के बाद मतपेटिकाएं गणनास्थल पर पहुंचाई गईं और रात में मतगणना शुरू हुई और सोमवार अल सुबह नतीजे सामने आए।

इससे पहले एक्जिट पोल में संयुक्त विपक्ष के उम्मीदवार को 63 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना जताई गई थी। विपक्ष का भी अनुमान है कि उसके प्रत्याशी सोलीह को करीब इतने की वोट मिलेंगे। जबकि यामीन की पार्टी ने कहा है कि उसके प्रभाव वाले इलाकों के वोट खुलने बाकी हैं। वहां के वोटों की गिनती के बाद तस्वीर बदल जाएगी।

मालदीव के चुनाव परिणाम पर भारत और चीन की नजर लगी थी। भारत के दशकों तक असर वाले इस देश में हाल के वर्षों में तेजी से चीन का प्रभाव बढ़ा है। इसके चलते भारतीय कंपनियों को बाहर का रास्ता देखना पड़ा है। यामीन सरकार को चीन समर्थक माना जाता है।

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