नोएडा: इस दौड़ भाग वाली जिंदगी में एक बार फिर रिश्तों ने दम तोड़ दिया। बेटे के इंतजार में मां ने प्राण त्याग दिए और बेटे ने 25 दिन तक मां की सुध नहीं ली। बेटा बेंगलुरु की आईटी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। 52 वर्षीय बबिता बसु नोएडा सेक्टर 99 स्थित सुप्रीम अपार्टमेंट में किराए पर रहती थीं और एक मीडिया संस्थान में काम करती थीं। शनिवार रात फ्लैट से बदबू आने पर पड़ोसियों ने बेटे को जानकारी दी।

बेटे से रो-रोकर लगाई थी गुहार

रविवार सुबह करीब नौ बजे बेटा बेंगलुरु से फ्लैट पर पहुंचा। फ्लैट के अंदर मां का सड़ा-गला शव बिस्तर पर पड़ा मिला। मौके पर पहुंची पुलिस को महिला का मोबाइल मिला। इसमें मां-बेटे की 19 सितंबर को हुई आखिरी बातचीत रिकॉर्ड थी। इसमें मां बेटे से आने के लिए रो-रो कर गुहार लगा रही थी। बेटे ने काम अधिक होने की बात कहकर आने से इनकार कर दिया था।

दोनों किडनी थी खराबबबिता बसु मूलरूप से पश्चिम बंगाल की रहने वाली थीं। दो साल से सुप्रीम टावर एक के फ्लैट नंबर 1601 में रह रही थीं। उनका पति मधुसुदन पाल से करीब 10 साल पहले तलाक हो गया था। पुलिस के मुताबिक, महिला की दोनों किडनी खराब हो गई थी और एक साल से डॉयलिसिस चल रहा था। उनकी देखभाल के लिए कोई नहीं था। वह खुद ही डॉक्टर के पास जाती थीं। करीब दो महीने से तबीयत अधिक खराब चल रही थी और अब सप्ताह में दो बार डॉयलिसिस हो रहा था।

 

शव के पास दवा के पत्ते, पानी की बॉटल, फल मिले

शनिवार देर रात बदबू आने पर पड़ोसियों ने उनके फ्लैट का दरवाजा खुलवाने की कोशिश की, लेकिन अंदर से कोई आहट नहीं हुई, तब उन्होंने फोन कर उनके बेटे को जानकारी दी। बेंगलुरु से बेटा फ्लाइट से सुबह करीब नौ बजे घर पहुंचा। इसके बाद मकान मालिक से डुप्लीकेट चाबी लेकर फ्लैट खोला। अंदर बबिता का शव बिस्तर पर पड़ा था। शव सड़ चुका था और उससे बदबू आ रही थी। उस पर मक्खियां और चीटियां रेंग रही थीं। शव के पास दवा के पत्ते, पानी की बॉटल व फल समेत कुछ सामान पड़ा था।

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