नई दिल्ली : शराब कारोबारी और भारतीय बैंकों से कर्ज लेकर देश छोड़कर भागने वाले विजय माल्या बैंकों के कर्ज चुकता करने को तैयार हैं. विजय माल्या ने बुधवार की सुबह ट्वीट कर कहा है कि वह भारतीय बैकों के सारे कर्ज चुकता करने को तैयार हैं, मगर वह ब्याज नहीं दे सकते हैं. विजय माल्या ने एक साथ तीन ट्वीट किए और उन्होंने बैंकों के 100 फीसदी मूलधन वापस करने का प्रस्ताव पेश किया. यह प्रस्ताव उन्होंने प्रत्यर्पण पर फैसला आने से 5 दिन पहले दिया है.

”भारतीय मीडिया और राजनेताओं ने किया पक्षपात”

साथ ही उन्होंने कहा है कि उनके साथ भारतीय मीडिया और राजनेताओं ने पक्षपात किया है. बता दें कि माल्या पर करीब 9000 करोड़ रुपये का बैंक कर्ज है. विजय माल्या ने ट्वीट कर कहा कि ‘पिछले तीन दशकों तक सबसे बड़े शराब समूह किंगफिशर ने भारत में कारोबार किया है. इस दौरान कई राज्‍यों की मदद भी की है.

किंगफिशर एयरलाइंस भी सरकार को भरपूर भुगतान कर रही थी. लेकिन शानदार एयरलाइंस का दुखद अंत हुआ, मगर फिर भी मैं बैंकों को भुगतान करना चाहता हूं जिससे उन्‍हें कोई घाटा न हो. कृपया इस ऑफर को स्‍वीकार करें.

100 प्रतिशत मूलधन वापसी का दिया ऑफर

विजय माल्या ने तीन ट्वीट किये. उन्होंने एक अन्य ट्वीट में विजय माल्य़ा ने कहा कि राजनेता और मीडिया लगातार चिल्लाकर मुझे पीएसयू बैंकों का पैसा उड़ा लेने वाला डिफॉल्‍टर घोषित कर रहे हैं. मगर यह सब झूठ है. मेरे साथ हमेशा से ही पक्षपात किया गया है, मेरे साथ उचित व्यवहार क्यों नहीं किया जाता है? मैंने कर्नाटक हाईकोर्ट में व्यापक निपटान का प्रस्ताव दिया था, इसे सबने अनसुना कर दिया. बेहद दुखद.

विजय माल्या ने आगे कहा कि किंगफिशर एयरलाइंस ईंधन की ऊंची दरों का शिकार हुई. किंगफिशर एक शानदार एयरलाइंस थी, जिसने क्रूड ऑयल की 140 डॉलर प्रति बैरल के उच्‍चतम कीमत का सामना किया. घाटा बढ़ता गया, बैंकों का पैसा इसी में जाता रहा. मैंने बैंकों को 100 प्रतिशत मूलधन वापसी का ऑफर दिया है. कृपया आप इसे स्‍वीकार करें.

माल्या का दावा- मामले की वकालत करने के लिए है र्प्‍याप्‍त सबूत

दरअसल, विजय माल्या को कई बैंकों से लिए गए करीब 9,000 करोड़ रुपये का कर्ज ना चुकाने के लिए डिफॉल्टर घोषित कर रखा है और भारत ने उसे भगोड़ा भी घोषित कर रखा है. माल्या ने मंगलवार को लंदन में अदालत में अपनी पेशी के दौरान दावा किया कि उनके पास अपने मामले की वकालत करने के लिए र्प्‍याप्‍त सबूत हैं.

उन्होंने अधिकारियों पर तंज कसते हुए कहा, ‘आप बिलियन पाउंड्स का सपना देखते रह सकते हैं’. वह मार्च 2016 से ब्रिटेन में हैं और उन्हें 18 अप्रैल को प्रत्यर्पण वारंट पर स्कॉटलैंड यार्ड ने गिरफ्तार किया था. सीबीआई भी इस मामले की जांच कर रही है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here