नई दिल्ली : आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया है. 4 जवनरी को जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी हो गई थी, लेकिन कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था. आज (गुरुवार) फैसला सुनाया गया है.

लालू प्रसाद की ओर से वरिष्‍ठ वकील व कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने पक्ष रखा था. उन्होंने आरजेडी सुप्रीमो की जेल अवधि, उम्र और बीमारी का हवाला देते हुए जमानत की मांग की थी.

सिब्बल ने कोर्ट को बताया कि लालू प्रसाद राजनीतिक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और उनके हस्ताक्षर से ही पार्टी में निर्णय लिया जाता है. लोकसभा चुनाव आगे है. इसलिए उन्हें बेल दी जानी चाहिए.

सिब्बल ने ये भी दलील दी थी कि चारा घोटाले में लालू यादव के खिलाफ डायरेक्ट साक्ष्य नहीं है. जबकि इसी तरह के आरोप में जगन्नाथ मिश्र और ध्रुव भगत को बरी कर दिया गया. जवाब में सीबीआई के वकील ने कहा था कि राजनीतिक दल के प्रमुख होने के कारण बेल नहीं दी जा सकती है. जबकि उनका रिम्स में समुचित इलाज चल रहा है.

सीबीआई के वकील ने कहा कि जिन नेताओं का हवाला दिया गया, उन नेताओं के खिलाफ सीबीआई की ओर से कोर्ट में अपील याचिका दायर की गयी है. कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया था.

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