भूपेंद्र कुमार रायकवर (संवाददाता, झांसी)

ललितपुर : जनपद के सभी ग्राम पंचायतो में आगामी 30 तारीख को ग्राम स्वराज अभियान के तहत एक खुली बैठक की जाएगी, जिसके अंतर्गत उन लाभार्थियों की सूची प्रदर्शित की जाएगी जो आयुष्मान भारत योजना के तहत चिन्हित हैं। यह सूची केंद्र से ही सभी राज्यों को भेजी गई हैं। इस सूची में उन परिवारों को लिया गया हैं, जो सामाजिक आर्थिक जातीय जनगणना 2011 की सूची में चिन्हित किए गए थे।

बैठक में चिन्हित लाभार्थियों को अपना राशन कार्ड और एक मोबाइल नंबर के साथ आना होगा, जिससे उनकी पहचान की जा सके। यदि कोई लाभार्थी इस बैठक में नही पहुच पाता है तो आशा को बचे हुये लाभार्थियों को एक हफ्ते के अंदर घर घर जाकर उनकी पहचान करनी होगी।

नोडल अधिकारी डॉ. मुकेश दुबे ने बताया कि इस योजना के लिए तालबेहट के चिकित्सा अधीक्षक और विरधा के ब्लॉक विकास अधिकारी को मास्टर ट्रेनर के रूप में लखनऊ में ट्रेनिंग दी जा चुकी हैं। और इनके द्वारा सभी ब्लॉक स्तर पर ट्रेनिंग हो गईं हैं। योजना के बारें में बताते हुये डॉ. दुबे बताते है कि भारत में गरीब तबका बड़ी बीमारियों का इलाज नहीं करा पाता है जिससे बहुत से गरीबों की मृत्यु हो जाती है।

वहीं दूसरी तरफ देखा जाए तो यदि गरीब इलाज करवाता है तो उसकी जमा पूंजी भी समाप्त हो जाती है। जिसके चलते स्वास्थ्य समस्या भी बढ़ जाती है। वहीं इस योजना के माध्यम से गरीबों को स्वास्थ्य की हर समस्याओं से आसानी से छुटकारा मिल सकेगा।

आयुष्मान के अंतर्गत दो योजनाओं को लिया गया हैं, जिसमें एक है स्वास्थ्य एवं आरोग्य केंद्र, जिसके अंतर्गत ज्यादा से ज्यादा स्वास्थ्य एवं आरोग्य केंद्र खोले जाएंगे। वही दूसरी हैं राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना, इसके तहत चिन्हित लोगों को 5 लाख रूपय तक का स्वास्थ्य बीमा दिया जाएगा।

केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2018-19 के आम बजट में आयुष्मान भारत योजना शुरू करने की घोषणा की थी और अप्रैल 14 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस योजना को छत्तीसगढ़ के बीजापुर से शुरू किया था। इस योजना का उद्देश्य देश के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की सहायता करना है।

इस योजना को ‘मोदी केयर’ का भी नाम दिया जा रहा है। आयुष्मान योजना से सीधा फायदा 10 करोड़ परिवारों यानि कि देश की करीब 40 फीसदी आबादी को मिलने वाला है। जिसमें प्रदेश के लगभग 1.18 करोड़ परिवार इस योजना से लाभान्वित होंगे।

इस राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजना संरक्षण के तहत 10 करोड़ गरीब परिवारों को उन्नत इलाज के लिए प्रत्येक परिवार को प्रति वर्ष 5-5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध कराया जाएगा।

इस योजना का लक्ष्य गरीब परिवार के कल्याण एवं उनकी स्वास्थ्य सुविधाओं को सरलता से प्रदान कराना है। वहीं इस योजना से गरीब परिवारों को काफी हद तक मदद मिलेगी।

यह योजना ग्रामीण भारत के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है क्योंकि इस योजना के तहत बीमाधारी व्यक्ति सिर्फ सरकारी ही नहीं बल्कि निजी अस्पतालों में भी इलाज करा सकेगा। निजी अस्पतालों को इस योजना के साथ जोड़ने का कार्य शुरू कर दिया गया है।

इस वृहद योजना से निजी अस्पतालों को भी लाभ मिलने की संभावना है क्योंकि पैसे की कमी के चलते काफी लोग सिर्फ सरकारी अस्पतालों में ही जाते थे जोकि अब निजी अस्पतालों में भी जा सकेंगे। साथ ही यह योजना सरकारी अस्पतालों में बढ़ती भीड़ का दबाव भी कम कर पाएगी।

मरीज को अस्पताल में भर्ती होने के बाद अपने बीमा दस्तावेज़ देने होंगे जिसके आधार पर अस्पताल इलाज के खर्च के बारे में बीमा कंपनी को सूचित कर देगा और बीमाधारी व्यक्ति के दस्तावेजों की पुष्टि होते ही इलाज बिना पैसे के किया जा सकेगा।

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