नई दिल्ली : शुक्रवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में GST परिषद की महत्वपूर्ण बैठक में परिषद ने कैशलेस लेन-देन करने वाले लोगों को 2 फीसदी छूट देने का फायदा दिया है। इसके जरिये अध‍िकतम 100 रुपये तक छूट हासिल की जा सकती है। बैठक में सभी व्‍यवसायों के लिए सिंगल मंथली रिटर्न व्‍यवस्‍था छह माह में लागू करने समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। वित्‍त मंत्री ने बताया कि बैठक में पहले साल की शानदार कर वसूली की सराहना हुई। सदस्‍यों ने राजस्‍व में बढ़ोतरी पर संतोष प्रक‍ट किया। इसके साथ ही जीएसटी नेटवर्क को सरकारी कंपनी बनाने का रास्‍ता साफ हो गया है।

वहीं गन्‍ना किसानों का बकाया निपटाने के संबंध में भी फैसला किया गया। इसके लिए पांच मंत्रियों का एक समूह बनेगा जो दो हफ्ते में अपनी सिफारिश सौंपेगा कि कैसे इस स्थिति से निपटा जाए जब कमोडिटी की लागत उसके मूल्‍य से ज्‍यादा आ रही है। इस कमेटी की घोषणा दो दिन में की जाएगी।

बैठक में चीनी पर 2 फीसदी सेस लगाए जाने को लेकर भी चर्चा हुई। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बैठक के बाद बताया कि सेस लगाने पर विचार करने के लिए एक मंत्र‍ियों का समूह बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि गन्ना किसान काफी ज्यादा दबाव में हैं। इसके लिए अगले 2 हफ्तों के भीतर 5 मंत्र‍ियों का एक समूह चीनी पर सेस लगाने को लेकर विचार करेगा। इसके बाद इसको लेकर समूह अपने सुझाव साझा रखेगा।

उन्होंने कहा कि यह समूह ऐसी स्थ‍ितियों से निपटने के लिए अपना सुझाव देगा, जहां सामान की लागत इसकी ब‍िक्री की कीमत से काफी ज्यादा हो जाती है। वित्त मंत्री ने बताया कि इस समूह के गठन की घोषणा अगले दो दिनों के भीतर कर दी जाएगी।

जीएसटीएन बनी सरकारी कंपनी:

इस बैठक में जीएसटीएन को सरकारी कंपनी बना दिया गया है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि केंद्र सरकार 50 फीसदी अपने पास रखेगी। 50 फीसदी राज्य सरकारों के पास संयुक्त रूप से रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्यों के संयुक्त शेयर को यथानुपात में जीएसटी रेश‍ियो के हिसाब से उनके बीच बांट दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मीटिंग में जीएसटीएन के स्वामित्व को लेकर चर्चा हुई। फिलहाल जीएसटीएन का जो मौजूदा ढांचा है। इसमें 49 फीसदी हिस्सेदारी सरकार के पास है। जबक‍ि 51 फीसदी अन्य संस्थानों के पास है। उन्होंने बताया, ‘मैंने सुझाव दिया था कि सरकार को 51 फीसदी की हिस्सेदारी दी जाए। हिस्सेदारी केंद्र और राज्य सरकार के बीच बराबरी में बांट दिया जाए।

सिंगल मंथली रिटर्न व्‍यवस्‍था छह माह में आएगी

वित्‍त सचिव हसमुख अधिया ने बताया कि जीएसटी के लिए सिंगल मंथली रिटर्न का सिस्‍टम छह माह में प्रभाव में आ जाएगा। इससे पहले जेटली ने वित्‍त सचिव को जीएसटीएन को सरकारी कंपनी बनाने के प्रस्‍ताव की व्‍यावहारिकता जांचने के लिए कहा था। यह कंपनी नई अप्रत्‍यक्ष कर व्‍यवस्‍था में आईटी सपोर्ट मुहैया कराती है।

2013 में बनी थी जीएसटीएन

जीएसटीएन कंपनी में 5 प्राइवेट संस्‍थानों की 51% हिस्‍सेदारी थी, जिसमें एचडीएफसी लिमिटेड, एचडीएफसी बैंक लिमिटेड, आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड, एनएसई स्‍ट्रेटजिक इनवेस्‍टमेंट कंपनी और एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड शामिल थीं। यह कंपनी संप्रग सरकार के समय 28 मार्च, 2013 को बनी थी। इसमें शेष 49% हिस्‍सेदारी केंद्र व राज्‍यों के पास थी।

अप्रैल में जीएसटी संग्रह एक लाख करोड़ के पार

अप्रैल, 2018 में जीएसटी वसूली 1.03 लाख करोड़ रुपये हुई। वित्त वर्ष 2017-18 में यह 7.41 लाख करोड़ रुपये रहा। मार्च में यह 89,264 करोड़ रुपये था। वित्त मंत्रालय के मुताबिक कुल सकल अप्रत्‍यक्ष कर वसूली अप्रैल 2018 में 1,03,458 करोड़ रुपये रहा। इसमें सीजीएसटी 18,652 करोड़ रुपये, एसजीएसटी 25,074 करोड़ रुपये, आईजीएसटी 50,548 करोड़ रुपये था।

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