नई दिल्ली : गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) काउंसिल की 32वीं बैठक खत्म हो गई है. इस बैठक चार बड़े फैसले लिए गए हैं. जीएसटी काउंसिल के फैसले से सबसे बड़ी राहत छोटे कारोबारियों को मिली है. 40 लाख रुपये तक सालाना टर्नओवर पर अब रजिस्ट्रेशन नहीं करना होगा. इस फैसले से 20 लाख कारोबारियों को फायदा होगा.

छोटे कारोबारियों को नहीं कराना होगा रजिस्ट्रेशन

GST रजिस्ट्रेशन का दायरा बढ़ाने पर सहमति बनी. अब 40 लाख रुपये तक सालाना टर्नओवर पर रजिस्ट्रेशन नहीं कराना होगा. अभी 20 लाख रुपए तक बिजनेस वालों के लिए जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी नहीं है.

आपको बता दें कि वित्त राज्य मंत्री शिवप्रताप शुक्ल की अध्यक्षता में पिछले हफ्ते हुई समिति की बैठक में इसको मंजूरी मिल गई थी. आपको बता दें कि इससे पहले पिछले हफ्ते जीएसटी पर मंत्रियों की एक समिति ने रजिस्ट्रेशन के लिए सालाना टर्नओवर की सीमा बढ़ाने पर सहमति जताई थी.

कम्पोजिशन स्कीम का दायरा बढ़ा

जीएसटी काउंसिल ने GST के तहत एकीकृत कम्पोजिशन योजना का ऑप्शन चुनने वालो को बड़ी राहत दी है. जीएसटी काउंसिलने कंपोजिशन स्कीम की सीमा बढ़ाने को औपचारिक मंजूरी दी. कंपोजिशन स्कीम की सीमा 1.5 करोड़ रुपये करने को मंजूरी दी. स्कीम पर बदलाव 1 अप्रैल 2019 से लागू होगा. काउंसिल ने कम्पोजिशन स्कीम में शामिल टैक्स पेयर्स को अब तीन महीने में टैक्स रिटर्न फाइल करने की इज़ाजत दे दी है.

अंडर कंस्‍ट्रक्‍शन फ्लैट-मकानों पर GOM का गठन

जीएसटी काउंसिल की बैठक में अंडर कंस्‍ट्रक्‍शन फ्लैट-मकानों के मामले पर ग्रुप ऑफ मिनिस्ट्रर्स (GoM) के गठन को मंजूरी मिल गई है. GoM अब इस पर फैसला लेगा. आपको बता दें कि पीएम और वित्त मंत्री ने अंडर कंस्‍ट्रक्‍शन फ्लैट-मकानों पर GST दर घटाने के संकेत दिए थे. अंडर कंस्‍ट्रक्‍शन फ्लैट और मकान 12 फीसदी के टैक्‍स स्‍लैब में आते हैं.

एक फीसदी आपदा सेस को मिली मंजूरी

जीएसटी काउंसिल ने केरल में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्वास के लिए राज्य सरकार को जीएसटी व्यवस्था के तहत 1 फीसदी ‘आपदा सेस’ लगाने को मंजूरी दी. बाढ़ से तबाह इस राज्य को यह सेस दो साल के लिए लगाने की छूट मिली.

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