नई दिल्ली : अमेरिका के शीर्ष कारोबारी संगठनों ने भारत के अंतरिम बजट की तारीफ की है। यूएस इंडिया बिजनेस काउंसिल (यूएसआइबीसी) का कहना है कि कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल द्वारा प्रस्तुत बजट में कई सकारात्मक प्रावधान हैं। इनसे उपभोक्ता व्यय बढ़ेगा और आर्थिक विकास को रफ्तार मिलेगी।

यूएसआइबीसी की प्रेसिडेंट निशा देसाई बिस्वाल ने कहा कि रक्षा और स्वास्थ्य का बजट बढ़ाया गया है। इसके अलावा सरकारी कामकाज का डिजिटलाइजेशन और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर फोकस बढ़ाया गया है। बजट में कई सकारात्मक कदम उठाए गए हैं जिनसे उपभोक्ता व्यय बढ़ेगा और भारत की विकास दर सुधरेगी।

फिल्म प्रोडक्शन के लिए सिंगल विंडो अप्रूवल से मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्रीज को बढ़ावा मिलेगा और पायरेसी रोकने के लिए भी कदम उठाए गए हैं।

यूएसआइबीसी अंतरिम बजट के प्रावधानों की तारीफ करती है। हालांकि उन्होंने ई-कॉमर्स कंपनियों के नए नियम लागू किए जाने को निराशाजनक बताया है। इन नियमों को लागू करने की तारीख एक फरवरी न बढ़ाए जाने से कंपनियों के कामकाज में बाधा आई है। इससे भारतीय उपभोक्ताओं और सप्लायरों को नुकसान होगा।

यूएसए-इंडिया चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रेसिडेंट करुण ऋषि ने कहा कि अंतरिम बजट किसानों और मध्यम वर्ग के हित साधने वाला है। छोटे व सीमांत किसानों को वित्तीय मदद और मध्यम वर्ग के लोगों को आयकर रियायतें देने से उनकी खर्च योग्य आय बढ़ेगी। इससे उपभोक्ता व्यय बढ़ेगा और आर्थिक विकास दर तेज होगी।

इन रियायतों के बावजूद गोयल राजकोषीय घाटा 3.4 फीसद पर रखने में कामयाब रहे हैं। इस तरह उन्होंने अच्छा वित्तीय संतुलन बनाया है। ऋषि ने कहा कि इस बजट से भारत की विकास दर सुधरकर 7.5 फीसद तक जा सकती है।

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