नई दिल्ली : चीन अब विज्ञान के क्षेत्र में कुछ ऐसा करने जा रहा है. जिसको जानकर आपको भी हैरानी होगी. चीन 2022 तक अपने तीन आर्टिफीशियल चांद लॉन्च करेगा. ये प्रोजेक्ट 2020 तक खत्म हो जाएगा. ये आर्टिफिशियल चांद शीशे के होंगे और सूर्य से रिफ्लेक्ट होकर वो रोशनी देगा.

इन तीनों ऑर्बिट को 360 डिग्री की कक्षा में रखा जाएगा, जिससे 24 घंटे तक रोशनी देगा. तियांफू सिस्टम साइंस रिसर्च इंस्टिट्यूट के हेड वू चुनफेंग ने कहा- इनकी रोशनी इतनी होगी कि स्ट्रीट लाइट्स की जरूरत नहीं होगी. उसके बिना ही काफी रोशनी पड़ेगी.

चंद्रमा की रोशनी से 8 गुना अधिक होगा रोशन

Wu ने बताया- ‘सूर्य की किरणें 3600 वर्ग किलोमीटर से 6400 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र को कवर कर सकती है और इसकी रोशनी चंद्रमा की रोशनी से 8 गुना अधिक होने की संभावना है.’

वू ने बताया कि इससे काफी फायदा होने वाला है. इस आर्टिफीशियल चांद से करीब 1.2 बिलियन यूआन की बिजली बचेगी. जिन जगह अंधेरा है और बिजली नहीं है वहां रोशनी पहुंचेगी.

रोशनी की तीव्रता को किया जाएगा एडजस्ट

यही नहीं अधिकारियों की मानें तो रोशनी की तीव्रता को एडजस्ट किया जा सकेगा और समय के मुताबिक कंट्रोल किया जा सकेगा. आर्टिफीशियल चांद एकदम चमकदार नहीं होगा. ये धुंधली सी रोशनी देगा. इस बात से लोगों को चिंता है. उनका मानना है कि इससे जानवरों पर बुरा असर पड़ेगा.

बता दें, ऐसा पहली बार नहीं हो रह है. चीन के अलावा रूस भी ये कोशिश कर चुका है. 90 के दशक में रूस ने काफी कोशिश की थी, लेकिन वो प्रोजेक्ट फेल हो गया था. अब चीन ऐसा करने जा रहा है. देखना होगा कि चीन इसमें सफल हो पाता है या नहीं.

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